तनावग्रस्त ना हों- ध्यान करें

हमें तनाव क्यों होता है? आज मैं तनाव और उसके प्रबंधन के बारे में बात करूंगा। जैसा कि हम जानते हैं कि हर व्यक्ति को कुछ तनाव होता है और इसकी मात्रा मंद से तीव्र तक हो सकती है। तनाव के मुख्य स्रोतों में चिंताएँ, चिड़चिड़ाहट, गुस्सा, अहंकार, ईर्ष्या और हमारे द्वारा प्राप्त असफलता आदि हैं। आम तौर पर, हम         और पढ़ें …

मासिक चक्र के पूर्व लक्षणों का समूह (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम, PMS): रोकथाम और जटिलताएं

मासिक चक्र के पूर्व लक्षणों का समूह (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम, PMS) – रोकथाम – पीएमएस को रोकने का कोई तरीका नहीं है लेकिन कुछ तरीके (संतुलित आहार, तनाव घटाना, नियमित व्यायाम आदि) हैं जो आप अपने लक्षणों को गंभीर होने की संभावना को कम करने के लिए अपना सकते हैं।.

मासिक चक्र के पूर्व लक्षणों का समूह (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम, PMS): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

मासिक चक्र के पूर्व लक्षणों का समूह (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम, PMS) – आहार – लेने योग्य आहार: रेशे की उच्च मात्रा वाले स्टार्चयुक्त आहार, जिनका शर्करा सूचकांक कम हो, अधिक मात्रा में लें – साबुत अनाज से बना दलिया और ब्रेड, होल वीट पास्ता, भूरा चावल, और अधिकतम तरह के फल और सब्जियाँ।
, ट्रिप्टोफेन के बढ़िया स्रोतों में माँस, पोल्ट्री उत्पाद, मछली, अंडे, पनीर, मेवे और गिरियाँ हैं।
, पीएमएस के लक्षणों को आरामदायक बनाए रखने में सहायता के लिए विटामिन बी6 से समृद्ध आहार लें जैसे कि चिकन, मछली (विशेषकर रूप से तैलीय मछली), नाश्ते हेतु दलिया, आलू, केले और मेवे।
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मासिक चक्र के पूर्व लक्षणों का समूह (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम, PMS): लक्षण और कारण

मासिक चक्र के पूर्व लक्षणों का समूह (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम, PMS) – लक्षण – पीएमएस में अक्सर शारीरिक (थका हुआ महसूस करना, सूजे हुए स्तन) और भावनात्मक (चिंता और तनाव) दोनों प्रकार के लक्षण होते हैं।. मासिक चक्र के पूर्व लक्षणों का समूह (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम, PMS) – कारण – पीएमएस का निश्चित कारण अज्ञात है, लेकिन यह विभिन्न प्रकार के हार्मोन, जिसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन सम्मिलित हैं, के ऊपर-नीचे होते हुए स्तरों से सम्बन्धित प्रतीत होता है।.

मासिक चक्र के पूर्व लक्षणों का समूह (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम, PMS): प्रमुख जानकारी और निदान

मासिक चक्र के पूर्व लक्षणों का समूह (प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम-पीएमएस) यह नाम उन शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और व्यवहार सम्बन्धी लक्षणों को दिया गया है जो किसी महिला के मासिक चक्र के एक या दो सप्ताह पहले उत्पन्न होते हैं। इसे मासिक चक्र के पूर्व का तनाव (पीएमटी) भी कहा जाता है।.

पश्च-आघात तनाव विकार (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, PTSD): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

पश्च-आघात तनाव विकार (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, PTSD) – आहार – लेने योग्य आहार इनसे परहेज करें: पश्च-आघात तनाव विकार के अत्यंत प्रमुख लक्षणों में से एक है कोर्टिसोल का स्तर बढ़ा हुआ होना, यह हार्मोन शरीर में तनाव सम्बंधित कई प्रकार के परिवर्तनों हेतु उत्तरदायी होता है। कोर्टिसोल के स्तर को घटाने वाले आहार लेने से स्थिति को सुधारने में सहायता होती है। रेशे की उच्च मात्रा वाले भोज्य पदार्थ। इनमें आते हैं साबुत अनाज की ब्रेड और दलिया, जई की भूसी, ओटमील, फलियाँ, खट्टे फल, स्ट्रॉबेरीज, चुकंदर और गाजर। स्वास्थ्यवर्धक आहारों जैसे हरी मिर्च, खट्टे फल, टमाटर, स्ट्रॉबेरीज, ब्रोकोली, रतालू और केंटालूप में पाया जाने वाला विटामिन सी अपने आहार में शामिल करें।

पश्च-आघात तनाव विकार (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, PTSD): रोकथाम और जटिलताएं

पश्च-आघात तनाव विकार (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, PTSD) – रोकथाम – आघात की किसी घटना के तुरंत बाद सहायक समूहों, मानसिक चिकित्सा, और कुछ औषधियों के द्वारा शीघ्र किये गए हस्तक्षेप से पीटीएसडी को रोकने में सहायता हो सकती है।.

पश्च-आघात तनाव विकार (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, PTSD): प्रमुख जानकारी और निदान

पश्च-आघात तनाव विकार (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर-पीटीएसडी) मानसिक विकार है जो किसी आघात की घटना के अनुभव की प्रतिक्रियास्वरुप उत्पन्न लक्षणों की पूरी श्रेणी को प्रदर्शित करता है, जो कि आपके सामान्य मानवीय अनुभवों के परे होते हैं।.

पश्च-आघात तनाव विकार (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, PTSD): लक्षण और कारण

पश्च-आघात तनाव विकार (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, PTSD) – लक्षण – अनचाहे आने वाले विचार जो आघात वाली घटना की याद दिलाते हैं। बुरे सपने आना। पिछली घटनाएँ याद आना। उन अनुभूतियों और विचारों से बचने का प्रयास करना जो आपको आघात वाली घटना की याद दिलाते हैं।. पश्च-आघात तनाव विकार (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, PTSD) – कारण – अत्यंत तनावपूर्ण, डरावनी या दुःखदायक घटना, या लम्बे समय तक रहा आघात का अनुभव पीटीएसडी तक पहुँच सकता है।.

फाइब्रोमाएल्जिया (माँसपेशियों, हड्डियों का दर्द): रोकथाम और जटिलताएं

फाइब्रोमाएल्जिया (माँसपेशियों, हड्डियों का दर्द) – रोकथाम – इसका कोई बचाव नहीं है, लेकिन नियमित व्यायाम लक्षणों के नियंत्रण में मदद करता है।.