केल्केनियस फ्रैक्चर (एड़ी की हड्डी): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

केल्केनियस फ्रैक्चर (एड़ी की हड्डी) – व्यायाम – अपने पैर और टखने को, बिना दर्द के और सुविधा के साथ, जितना अधिक ऊपर-नीचे/ बाहर-भीतर कर सकते हैं, उतना करें।
, सुविधा के साथ और बिना दर्द के आप अपने पैर और टखने को जितने बड़े गोल आकार में घुमा सकते हैं, घुमाएँ।
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केल्केनियस फ्रैक्चर (एड़ी की हड्डी): रोकथाम और जटिलताएं

केल्केनियस फ्रैक्चर (एड़ी की हड्डी) – रोकथाम – चोटों से बचें।.

केल्केनियस फ्रैक्चर (एड़ी की हड्डी): प्रमुख जानकारी और निदान

केल्केनियस पैर के पीछे स्थित हड्डी होती है, जिसे सामान्यतया एड़ी की हड्डी कहा जाता है।.

केल्केनियस फ्रैक्चर (एड़ी की हड्डी): लक्षण और कारण

केल्केनियस फ्रैक्चर (एड़ी की हड्डी) – लक्षण – दर्द, सूजन, एड़ी में विकृति।. केल्केनियस फ्रैक्चर (एड़ी की हड्डी) – कारण – चोटें.

स्कैपुला स्ट्रेन – कंधे का दर्द: प्रमुख जानकारी और निदान

स्कैपुला या कंधे की ब्लेड में दर्द।.

स्कैपुला स्ट्रेन – कंधे का दर्द: लक्षण और कारण

स्कैपुला स्ट्रेन – कंधे का दर्द – लक्षण – प्रभावित क्षेत्र में दर्द, पीड़ा, सूजन, जकड़न और प्रभावित क्षेत्र को हिलाने-डुलाने में असमर्थता।. स्कैपुला स्ट्रेन – कंधे का दर्द – कारण – सोने की अनुचित भंगिमा, अत्यधिक उपयोग या कोई जोरदार चोट।.

स्कैपुला स्ट्रेन – कंधे का दर्द: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

स्कैपुला स्ट्रेन – कंधे का दर्द – आहार – लेने योग्य आहार इनसे परहेज करें: सूजनरोधी आहार लें जैसे हल्दी, अदरक, अन्नानास, पपीता आदि।
, ओमेगा-3 फैटी एसिड से समृद्ध आहार जैसे मछली, अखरोट, समुद्री सिवार, और सोयाबीन।
, पकाते समय वनस्पति तेल या मक्खन की जगह जैतून के तेल का प्रयोग करें क्योंकि जैतून के तेल में एक प्राकृतिक पदार्थ ओलियोकेन्थल होता है, जो सूजन को रोकने में सहायता करता है।
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स्कैपुला स्ट्रेन – कंधे का दर्द: रोकथाम और जटिलताएं

स्कैपुला स्ट्रेन – कंधे का दर्द – रोकथाम – उचित प्रकार के व्यायाम।.

ऑस्टियोपोरोसिस – कमजोर हड्डियाँ: लक्षण और कारण

ऑस्टियोपोरोसिस – कमजोर हड्डियाँ – लक्षण – जोड़ों का दर्द। खड़े होने में कठिनाई। सीधे बैठने में कठिनाई।. ऑस्टियोपोरोसिस – कमजोर हड्डियाँ – कारण – हार्मोन सम्बन्धी समस्याएँ। पोषणरहित आहार। औषधियाँ। अत्यधिक धूम्रपान या मदिरापान।.

ऑस्टियोपोरोसिस – कमजोर हड्डियाँ: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

ऑस्टियोपोरोसिस – कमजोर हड्डियाँ – आहार – लेने योग्य आहार कैल्शियम हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने वाला प्रमुख पोषक तत्व है। कैल्शियम के उत्तम भोज्य स्रोतों में हैं:: डेरी: डेरी उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर कैल्शियम से समृद्ध होते हैं।
, भाजी और हरी सब्जियाँ: कई सब्जियाँ, विशेषकर हरी पत्तेदार सब्जियाँ, कैल्शियम का समृद्ध स्रोत हैं। शलजम की सब्जी, सरसों का साग, कोलार्ड की सब्जी, केल, रोमैन लेट्यूस, अजमोदा, ब्रोकोली, धनिया, पत्तागोभी, समर स्क्वाश, हरी फलियाँ, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, अस्पार्गस, और क्रिमिनी मशरुम का सेवन करें।
, औषधीय वनस्पतियाँ और मसाले: कैल्शियम के हलके किन्तु स्वादिष्ट प्रभाव के लिए, अपने भोजन में तुलसी, पुदीना, सौंफ के बीज, दालचीनी, पेपरमिंट की पत्तियों, लहसुन, अजवाइन, रोजमेरी, और अजमोदा का प्रयोग करें।
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