जलने पर घरेलू उपाय

कच्चा आलू अपनी जलन रोधी और ठंडक देने की प्रक्रिया के कारण त्वचा जलने के छोटे-मोटे मामलों का उपचार कर सकता है। यह दर्द से छुटकारा देता है और फफोले पड़ने की संभावना घटाता है। केवल कच्चे आलू का टुकड़ा काटें और जले हिस्से पर रगड़ें, यह निश्चित करें कि आलू से निकला तरल प्रभावित क्षेत्र पर ही लगे।

घावों की घरेलू उपाय

तांबा आपकी आँखों, बालों और त्वचा को रंग देने वाले मेलेनिन के उत्पादन का प्रमुख घटक है। मेलेनिन आपकी त्वचा को धूप से होने वाली क्षति से सुरक्षित रखने में, घाव भरने की प्रक्रिया तेज करने में और धब्बों को मिटाने में सहायता करता है।

सीबेशियस सिस्ट (त्वचा में गांठ): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

सीबेशियस सिस्ट (त्वचा में गांठ) – आहार – लेने योग्य आहार इनसे परहेज करें: शक्तिशाली प्रतिरक्षक तंत्र शरीर को सीबेशियस सिस्ट के स्वयं ही ठीक कर लेने में सहायता करता है। एंटीऑक्सीडेंट समृद्ध आहार, साबुत अनाज, और सब्जियाँ जिनमें बेरियाँ, खट्टे फल और गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियाँ आदि का सेवन प्रतिरक्षण को उन्नत करने में और शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने में सहायता करता है।
, विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालने के लिए पानी अधिक मात्रा में पियें।
, स्वस्थ त्वचा के विकास के लिए और रोमकूपों में सीबम के जमाव को रोकने के लिए स्वस्थ तेलों का सेवन बढ़ाएं। स्वस्थ तेलों वाले आहारों में हैं मेवे और गिरियाँ, एवोकेडो, मछली, अलसी का तेल, इवनिंग प्रिमरोस आयल और मछली का तेल।
,

सीबेशियस सिस्ट (त्वचा में गांठ): रोकथाम और जटिलताएं

सीबेशियस सिस्ट (त्वचा में गांठ) – रोकथाम – धूप का अत्यधिक सामना ना करें। स्वच्छ रहें। तनाव घटाएँ। धूम्रपान त्यागें।.

सीबेशियस सिस्ट (त्वचा में गांठ): लक्षण और कारण

सीबेशियस सिस्ट (त्वचा में गांठ) – लक्षण – लालिमा और नरमीयुक्त पीड़ा। गांठों और उभारों के ऊपर की त्वचा का तापमान बढ़ा हुआ होना। गाँठ या उभार से धूसर सफ़ेद, पनीर जैसा, दुर्गन्धयुक्त पदार्थ रिसना।. सीबेशियस सिस्ट (त्वचा में गांठ) – कारण – सीबेशियस सिस्ट त्वचा के आघात, सूजे हुए रोमकूप, और टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तरों के कारण उत्पन्न हो सकती हैं।.

सीबेशियस सिस्ट (त्वचा में गांठ): प्रमुख जानकारी और निदान

सीबेशियस सिस्ट त्वचा के ठीक नीचे छोटी, कैंसररहित गांठें या उभार हैं। यह थैलीनुमा बंद रचनाएँ होती हैं जिनमें एक प्रकार का प्रोटीन, केराटिन, जमा होता है जो अक्सर दुर्गन्धयुक्त होता है।.

हीमेटोमा (खून जमा होना): प्रमुख जानकारी और निदान

हीमेटोमा रक्तवाहिनी के बाहर रक्त के इकट्ठे होने को कहते हैं। हीमेटोमा का नाम उनके होने के स्थान के आधार पर होता है।.

हीमेटोमा (खून जमा होना): लक्षण और कारण

हीमेटोमा (खून जमा होना) – लक्षण – उत्तेजना, दर्द, सूजन, लालिमा और विकृत आकार के घाव सामान्य रूप से हीमेटोमा के आम लक्षण हैं।. हीमेटोमा (खून जमा होना) – कारण – आमतौर पर हीमेटोमा आघात के कारण उत्पन्न होते हैं।.

हीमेटोमा (खून जमा होना): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

हीमेटोमा (खून जमा होना) – आहार – विटामिन के शरीर को रक्त जमने वाले घावों से बचाता है। आहार में विटामिन के से समृद्ध आहार जैसे पालक, स्ट्रॉबेरी, पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकोली, गेहूँ की बाली, अंडे शामिल करें
, बायोफ्लेवोनोइड्स से समृद्ध आहारों में संतरे, नीबू, ग्रेपफ्रूट, स्ट्रॉबेरी, पपीता, खुबानी आदि हैं।
, विटामिन सी की कमी से रक्त इकठ्ठा होने वाले घाव बढ़ सकते हैं, इसलिए आहार में ऐसे फल और सब्जियों का योग इस प्रकार के घावों को बड़ी मात्रा में घटा सकता है। विटामिन सी से समृद्ध आहारों में शिमला मिर्च, अमरुद, गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियाँ, ब्रोकोली, बेरियाँ, खट्टे फल, टमाटर, मटर आदि आते हैं।
,

हीमेटोमा (खून जमा होना): रोकथाम और जटिलताएं

हीमेटोमा (खून जमा होना) – रोकथाम – चोटों से बचें।.