तनाव: प्रमुख जानकारी और निदान

तनाव हमारे शारीरिक या मानसिक सामंजस्य में बाधा उत्पन्न करने वाले उत्प्रेरक के लिए हमारी सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है।.

तनाव: लक्षण और कारण

तनाव लक्षण – नकारात्मक या अवसाद भरा एहसास। असमंजस और अनिर्णय। नियमित गतिविधियों में परिवर्तन। अकेलापन, कमजोर स्मरण शक्ति।. तनाव कारण – जीवन के बड़े परिवर्तन। आर्थिक समस्याएँ। अवास्तविक उम्मीदें। अनिश्चितता को स्वीकार ना कर पाना।.

तनाव: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

तनाव आहार – लेने योग्य आहार: जई से बने आहार, केंकड़े, संतरे,

तनाव: रोकथाम और जटिलताएं

तनाव रोकथाम – जो स्थितियाँ आपको क्रोधी अथवा दुखी करती हैं, उनमें ना पड़ें। नींद की पर्याप्त मात्रा लें। नियमित व्यायाम, /li> भली-भांति संतुलित, स्वास्थ्यवर्धक आहार लें।.

बाइपोलर डिसऑर्डर: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

बाइपोलर डिसऑर्डर – आहार – लेने योग्य आहार इनसे परहेज करें: मछली, अखरोट, अलसी के बीज, सोया आदि में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षणों को कम करता है। जामुन, रास्पबेरी, और स्ट्रॉबेरी इन सभी में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी होता है। जटिल कार्ब्स जैसे भूरा चावल, होल वीट ब्रेड, और होल ग्रेन पास्ता आपके मस्तिष्क में सेरोटोनिन के उत्पादन को बढ़ाता है, यह रसायन अच्छा अनुभव कराने वाले रसायनों में से एक है, जो चिंता को कम करता है और आपको अधिक नियंत्रित बने रहने में सहायता करता है।

बाइपोलर डिसऑर्डर: रोकथाम और जटिलताएं

बाइपोलर डिसऑर्डर – रोकथाम – जीवनशैली में उन आदतों को अपनाएँ जो बेहतर गुणवत्ता की निद्रा प्राप्त करने में मदद करें। शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय हों। कोई शौक विकसित करें। शांत रहें और विश्रान्तिदायक व्यायाम करें।.

बाइपोलर डिसऑर्डर: प्रमुख जानकारी और निदान

बाइपोलर डिसऑर्डर, जिसे उन्माद-अवसादी रोग भी कहा जाता है, मस्तिष्क का विकार है जो मिजाज, ऊर्जा, गतिविधि का स्तर, और दिन-प्रतिदिन के कार्यों को करने की क्षमता में असामान्य परिवर्तन उत्पन्न करता है।.

बाइपोलर डिसऑर्डर: लक्षण और कारण

बाइपोलर डिसऑर्डर – लक्षण – बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि व्यक्ति, उन्माद या अवसाद, किस स्थिति में है। ये स्थितियां कुछ दिनों से लेकर कुछ महीनों तक चलने वाली हो सकती हैं। अत्यंत कम मामलों में, उन्माद और अवसाद दोनों के लक्षण, एक ही समय में तेजी से बदलते हुए होते हैं। इसे मिश्रित प्रकरण या चक्र कहा जाता है।. बाइपोलर डिसऑर्डर – कारण – अनुवांशिकता, जैव विभिन्नता, मस्तिष्क में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले रसायनों, जिन्हें न्यूरोट्रांसमीटर्स कहते हैं, में असंतुलन। तनाव, अपमान, अत्यंत बड़ी हानि या आघात के अनुभव आदि भी बाइपोलर डिसऑर्डर में अपनी भूमिका निभाते हैं।.

फाइब्रोमाएल्जिया (माँसपेशियों, हड्डियों का दर्द): रोकथाम और जटिलताएं

फाइब्रोमाएल्जिया (माँसपेशियों, हड्डियों का दर्द) – रोकथाम – इसका कोई बचाव नहीं है, लेकिन नियमित व्यायाम लक्षणों के नियंत्रण में मदद करता है।.

फाइब्रोमाएल्जिया (माँसपेशियों, हड्डियों का दर्द): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

फाइब्रोमाएल्जिया (माँसपेशियों, हड्डियों का दर्द) – आहार – लेने योग्य आहार: अनाज
, फल (सेब, अंगूर, क्रेनबेरी और स्ट्रॉबेरी)।
, सब्जियाँ (गाजर, पत्तागोभी, फूलगोभी, टमाटर, गहरी हरी पत्तेदार)।
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