लूम्बेगो (कमर दर्द): रोकथाम और जटिलताएं

लूम्बेगो (कमर दर्द) – रोकथाम – कमर को स्वस्थ व मजबूत रखने के लिए व्यायाम करें। अपनी कमर को बचाने के लिए चीजों को सही और सुरक्षित रूप से उठाना सीखें। बैठते समय अपनी कमर की सुरक्षा रखें। सोने की अलग-अलग मुद्राएँ अपनाएँ।.

लूम्बेगो (कमर दर्द): लक्षण और कारण

लूम्बेगो (कमर दर्द) – लक्षण – दर्द, माँसपेशियों में तनाव और कमर में जकड़न। दर्द का एक अथवा दोनों पैरों में उतरना।. लूम्बेगो (कमर दर्द) – कारण – लूम्बेगो, कमर के जोड़ों की भीतरी टूट-फूट या अत्यधिक कार्य करने या जोड़ों का अत्यधिक उपयोग करने से, जोड़ों की सतह पर आई विकृति के परिणामस्वरूप होता हुआ पाया जाता है।.

लूम्बेगो (कमर दर्द): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

लूम्बेगो (कमर दर्द) – आहार – लेने योग्य आहार आप अपने शरीर को स्वास्थ्यवर्धक आहार लेकर उचित आकार में रख सकते हैं जैसे फल, सब्जियाँ और साबुत अनाज आदि। ऐसे आहार चुनें जिनमें संतृप्त वसा और शक्कर का स्तर कम हो। पानी अधिक मात्रा में पियें।: कमर के स्वास्थ्य को बनाए रखने में विटामिन डी अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। विटामिन डी, “सनशाइन” विटामिन की कमी, कमर के दर्द में योगदान दे सकती है। सूर्य के प्रकाश द्वारा और मछली, दूध, अंडे, दलिया द्वारा विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा लें।
, विटामिन सी, जिसे एस्कोर्बिक एसिड भी कहते हैं, ऐसा विटामिन है जो कमर दर्द में सहायता करता है। हरी पत्तेदार सब्जियाँ, ब्रोकोली, फूलगोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, पपीता, स्ट्रॉबेरी आदि सभी विटामिन सी से भरपूर होते हैं।
, विटामिन बी1, बी6, और बी12 आपके कमर दर्द को काफी कम कर सकते हैं। पालक, गाजर, फलियाँ और साबुत अनाजों में ये विटामिन अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।
,

लूम्बेगो (कमर दर्द): प्रमुख जानकारी और निदान

लूम्बेगो कमर में या लम्बर क्षेत्र में होने वाले मध्यम से तीव्र दर्द या पीड़ा को कहते हैं।.

टखने में मोच: रोकथाम और जटिलताएं

टखने में मोच – रोकथाम – व्यायाम और मेहनती कार्य करने के पहले शरीर को वार्म-अप करके तैयार करें। सही ऊँचाई और तरीके के जूते पहनें, ऊँची एड़ी के जूते न पहनें।.

टखने में मोच: प्रमुख जानकारी और निदान

स्प्रेन (मोच) टखनों को सहारा देने वाले स्नायुओं (लिगामेंट्स) में खिंचाव से आने वाली चोट है। टखने के बाहरी तरफ के स्नायु टखने के मुड़ने के कारण सबसे आसानी से चोटग्रस्त होते हैं।.

टखने में मोच: लक्षण और कारण

टखने में मोच – लक्षण – दर्द, सूजना और फूलना, शरीर के प्रभावित हिस्से में गति की हानि. टखने में मोच – कारण – खेल और शारीरिक चुस्ती की गतिविधियाँ। किसी असमतल धरातल पर पैर रखना, या कोणयुक्त जगह से नीचे उतरना।.

टखने में मोच: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

टखने में मोच – आहार – लेने योग्य आहार: प्रोटीन से समृद्ध आहार जैसे पोल्ट्री उत्पाद, फलियाँ, डेरी उत्पाद, सोया और मीट, ये सुनिश्चित करते हैं कि शरीर को उचित मात्रा में प्रोटीन मिले ताकि चोटग्रस्त टखना ठीक हो सके।
, चोट सुधार की प्रक्रिया में शरीर की सहायता हेतु मछली बढ़िया आहार है।
, टखने की चोट को ठीक करने के लिए डेरी उत्पाद बहुत अच्छे होते हैं।
,

मोच और खिंचाव: लक्षण और कारण

मोच और खिंचाव – लक्षण – दर्द, सूजन और फूला हुआ हिस्सा। घाव के निशान। जकड़न, प्रभावित क्षेत्र में गति की हानि।. मोच और खिंचाव – कारण – मोच और खिंचाव चोट के परिणामस्वरूप होते हैं, जब जोड़ पर उसकी सहने की क्षमता से अधिक जोर पड़ता है। आमतौर पर एथलीट्स, नर्तकों और शारीरिक परिश्रम या मजदूरी का कार्य करने वालों को इस प्रकार की चोटें लगती हैं।.

मोच और खिंचाव: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

मोच और खिंचाव – आहार – लेने योग्य आहार: बीटा कैरोटीन कोलेजन का, जो कि मोच के दौरान क्षतिग्रस्त स्नायुओं का निर्माण करता है, मुख्य कारक तत्व है। प्राकृतिक बीटा कैरोटीन के अच्छे स्रोतों में गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियाँ जैसे पालक या केल, ब्रोकोली, और गाजर आदि हैं। विटामिन सी शरीर की सूजन घटाने में सहायक होता है। विटामिन सी के बढ़िया स्रोतों में पत्तागोभी, शिमला मिर्च, कीवी, खट्टे फल जैसे संतरे, नीबू और ग्रेपफ्रूट आदि हैं। माँसपेशियों और जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है। प्रोटीन के अच्छे स्रोतों में अंडा, चिकन, मछली, मेवे दूध आदि हैं।