पर्निशियस एनीमिया: रोकथाम और जटिलताएं

पर्निशियस एनीमिया – रोकथाम – विटामिन बी12 समृद्ध आहार लें.

पर्निशियस एनीमिया: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

पर्निशियस एनीमिया – आहार – लेने योग्य आहार: विटामिन बी12 की अतिरिक्त मात्रा/शक्ति युक्त नाश्ते में लिये जाने वाले दलिए।
, अंडे और डेरी उत्पाद (दूध, दही, और पनीर)।
, विटामिन बी12 से समृद्ध आहार जैसे सोया-आधारित पेय और शाकाहारी बर्गर्स।
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पर्निशियस एनीमिया: लक्षण और कारण

पर्निशियस एनीमिया – लक्षण – थकावट, सिरदर्द, छाती में दर्द, वजन में कमी होना, साँस में कमी, चक्कर आना, त्वचा पीली पड़ना. पर्निशियस एनीमिया – कारण – पेट की परतों का कमजोर होना। स्व-प्रतिरक्षी स्थिति। कुछ ड्रग और भोज्य पदार्थ।.

पर्निशियस एनीमिया: प्रमुख जानकारी और निदान

पर्निशियस एनीमिया (हानिकारक रक्तक्षीणता) स्व-प्रतिरक्षी विकार है जिसमें विटामिन बी12 की कमी के कारण शरीर पर्याप्त लाल रक्त कणिकाएँ नहीं बना पाता है।.

विटामीन बी12 की कमी: रोकथाम और जटिलताएं

विटामीन बी12 की कमी – रोकथाम – विटामीन बी12 की कमी से विटामीन बी12 युक्त आहार लेकर बचें. शाकाहारियों को बी12 युक्त मल्टीविटामिन और विटामिन बी12 की शक्ति से परिपूर्ण आहार लेना चाहिए.

विटामीन बी12 की कमी: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

विटामीन बी12 की कमी – आहार – लेने योग्य आहार: दूध और दूध उत्पाद विटामिन बी12 के अच्छे स्रोत हैं। इनमें पोल्ट्री उत्पाद, मछली, फलियाँ, पनीर, अंडे और मेवे भी आते हैं। मछली और रेड मीट विटामिन बी12 के उत्तम स्रोत हैं। पोल्ट्री और अण्डों में भी विटामिन बी12 होता है।

विटामीन बी12 की कमी: लक्षण और कारण

विटामीन बी12 की कमी – लक्षण – साँस की कमी। वजन में गिरावट। हाथों, पैरों और पंजों झुनझुनी या सनसनाहट। सोचने और तर्क में कठिनाई।. विटामीन बी12 की कमी – कारण – शुद्ध शाकाहारी जो पशु या डेरी उत्पाद नहीं लेते। परनिसियस एनीमिया। वे ड्रग जो विटामिन B12 के अवशोषण में अवरोध करते हैं।.

विटामीन बी12 की कमी: प्रमुख जानकारी और निदान

विटामिन बी12 जीवन के लिए आवश्यक है। यह डीएनए (आनुवांशिक पदार्थ) के संश्लेषण के लिए और लाल रक्त कणिकाओं तथा तंत्रिका तंत्र के उचित कार्य करने हेतु आवश्यक है।.

एनीमिया: रोकथाम और जटिलताएं

एनीमिया रोकथाम – पोषक आहार लें, डाइटिंग या व्यायाम में अति न करें.

एनीमिया: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

एनीमिया आहार – लेने योग्य आहार फोलेट, विटामिन B12 और आयरन से भरपूर परिष्कृत आहार हीमोग्लोबिन स्तर को तेजी से बढ़ाने के लिए आवश्यक है। फल एनीमिया के इलाज के दौरान फल जैसे कि आयरन युक्त सेब और टमाटर का सेवन करना अत्यंत उपयोगी होता है। एनीमिया के इलाज हेतु आप या तो सेब और टमाटर खा सकते हैं अथवा उनके 100% शुद्ध रस का सेवन भी कर सकते हैं। अन्य फल जो एनीमिया के इलाज में असरकारी हैं, आलूबुखारा, केले, नीबू, अंगूर, किशमिश, संतरे, अंजीर, गाजर, और किशमिश अधिक मात्रा में खाए जाने पर शहद शहद आयरन, कॉपर और मेंगनीज़ का शक्तिशाली स्रोत है। जब इन तत्वों को मिलाया जाता है, ये हीमोग्लोबिन के संश्लेषण में सहायक होते हैं। इसलिए शहद एनीमिया के लिये शक्तिशाली अस्त्र है। एनीमिया की चिकित्सा के दौरान आप शहद को सेब के टुकड़ों के साथ अथवा केले के साथ ले सकते हैं। गोश्त लाल गोश्त जैसे कि किडनी, दिल और जिगर एनीमिया के इलाज में असरकारक हैं। लाल गोश्त, जैसे कि नाम बताता है, आयरन से भरपूर होता है और एनीमिया के रोगियों के लिए डॉक्टर्स इसे सुझाते हैं। इनके साथ ही मुर्गियाँ, मछली, और घोंघे भी एनीमिया के लिए असरदार हैं. सब्जियाँ सब्जियाँ जैसे कि पालक, लेट्यूस, चुकंदर, ब्रोकोली, मेथी, अजमोदा और केल आदि, आयरन में समृद्ध ऊर्जा से भरपूर सब्जियाँ हैं जो एनीमिया के इलाज में अत्यंत असरदार हैं। ये सब्जियाँ ना केवल आयरन बल्कि विटामिन B-12 और फोलिक एसिड जैसे ऊर्जादायी पोषक तत्वों से भी भरी होती हैं, जिनकी शरीर को एनीमिया को ठीक करने के लिए आवश्यकता होती है। चुकंदर का रस आयरन से भरपूर वनस्पति रस है जिसे एनीमिया ग्रस्त रोगी थकान और आलस के विरुद्ध टॉनिक की तरह ले सकते हैं। फलियाँ और मेवे फलियाँ और मेवे जैसे कि दालें, बादाम, साबुत अनाज, सूखे खजूर, मूंगफली और अखरोट आदि एनीमिया के कारणों और लक्षणों के विरुद्ध लाभकारी हैं। इनसे परहेज करें पाश्चुरीकृत दूध, कड़क कॉफ़ी व चाय, रिफाइंड स्टार्च, खासकर मैदा, कैन में रखे, जलाए हुए, परिरक्षित, और अन्य तरह के प्रोसेस्ड आहार। .