एटिलेक्टेसिस: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

एटिलेक्टेसिस आहार – लेने योग्य आहार इनसे परहेज करें: प्रतिदिन कम से कम 8 गिलास पानी या अन्य तरल पदार्थ लेने से फेफड़ों के स्राव को पतला करने में सहायता मिलती है जिससे उन्हें खांसकर बाहर निकालना सरल होता है। लहसुन में सूजनरोधी और जीवाणुरोधी गुण होते हैं जिनका प्रयोग फेफड़ों के उपचार हेतु किया जा सकता है। प्रतिदिन प्रातःकाल 3 से 4 सूखे हुए अंजीर खाना चाहिए क्योंकि सूखे अंजीर प्रतिरक्षक तंत्र को मजबूत करने के लिए बढ़िया होते हैं।

एटिलेक्टेसिस: रोकथाम और जटिलताएं

एटिलेक्टेसिस रोकथाम – धूम्रपान बंद करें। शराब सीमित मात्रा में लें। गहरे श्वास वाले व्यायाम करें।.

स्लीप एप्निया: रोकथाम और जटिलताएं

स्लीप एप्निया – रोकथाम – स्वास्थ्यवर्धक भोजन लें। नियमित व्यायाम करें और उचित वजन बनाए रखें। धूम्रपान त्यागें।.

स्लीप एप्निया: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

स्लीप एप्निया – आहार – लेने योग्य आहार: ताजे फल और सब्जियाँ तथा साबुत अनाज अधिक मात्रा में लें। कम वसायुक्त डेरी उत्पाद। स्वास्थ्यवर्धक वसा जैसे जैतून का तेल।

स्लीप एप्निया: लक्षण और कारण

स्लीप एप्निया – लक्षण – उनींदापन या दिन के समय की सजगता में कमी। सुबह के समय सिरदर्द होना। एकाग्र होने में असमर्थ होना। चिड़चिड़ाहट का अनुभव होना।. स्लीप एप्निया – कारण – स्लीप एप्निया उत्पन्न करने वाले कारकों में हैं: वजन का अधिक होना। ठोड़ी का गड्ढेनुमा होना। छोटा जबड़ा या जबड़े के ऊपरी हिस्से का अधिक बड़ा होना। उम्र का बढ़ना.

स्लीप एप्निया: प्रमुख जानकारी और निदान

स्लीप एप्निया एक सामान्य विकार है जिसमें नींद के दौरान श्वास में एक या कई अवरोध होते हैं या सांसें उथली होती हैं।.

कॉस्टोकोंड्राइटीस (पसली में सूजन): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

कॉस्टोकोंड्राइटीस (पसली में सूजन) – आहार – किसी विशेष आहार की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन सूजन रोधी, विटामिन युक्त आहार स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं।
, माँस, शराब और तली वस्तुओं से परहेज।
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कॉस्टोकोंड्राइटीस (पसली में सूजन): रोकथाम और जटिलताएं

कॉस्टोकोंड्राइटीस (पसली में सूजन) – रोकथाम – फिर से आघात लगने से बचें। संक्रमणों का इलाज जल्द-से-जल्द करें। शल्यक्रिया के बाद जल्दी चलें-फिरें।.

कॉस्टोकोंड्राइटीस (पसली में सूजन): लक्षण और कारण

कॉस्टोकोंड्राइटीस (पसली में सूजन) – लक्षण – पसलियों और छाती की हड्डियों के जोड़ के स्थान पर दर्द और असहनीयता। सूजन। छाती में जकड़न।. कॉस्टोकोंड्राइटीस (पसली में सूजन) – कारण – शारीरिक आघात। वायरल, बैक्टीरियल और फफूंद के संक्रमण। आर्थराइटिस जैसे रोग।.

कॉस्टोकोंड्राइटीस (पसली में सूजन): प्रमुख जानकारी और निदान

कॉस्टोकोंड्राइटीस उन जोड़ वाली जगहों की सूजन है जहाँ ऊपरी पसलियाँ उस उपास्थि (कार्टिलेज) से जुड़ती हैं, जो उन्हें छाती की हड्डी (स्टर्नम) से जोड़ता है।.