क्षय रोग प्रबंधन और इसकी दवाएं

क्षय रोग प्रबंधन क्षय रोग प्रबंधन, संक्रामक टीबी के चिकित्सा उपचार के सन्दर्भ में लिया जाता है। क्षय रोग (टीबी) के इलाज के लिए बीस से अधिक दवाएं विकसित की जा चुकी हैं। दवा का उपयोग विभिन्न परिस्थितियों के हिसाब से भिन्न संयोजनों में किया जाता है। उदाहरण के लिए, कुछ TB दवाओं का उपयोग केवल नए रोगियों के उपचार के लिए किया         और पढ़ें …

दवा प्रतिरोधी टीबी: ऐसी स्थिति जहां दवा बेअसर हो जाती है।

दवा प्रतिरोधी टीबी दवा प्रतिरोध क्या है? दवा प्रतिरोध एक रोग या बीमारी का इलाज करने में antimicrobial, anthelmintic या antineoplastic जैसी दवा की प्रभावकारिता को कम करने को कहते हैं। इस शब्द का प्रयोग प्रतिरोध के संदर्भ में किया जाता है जो कि रोगजनक या कैंसर “अधिग्रहण” कर लेते हैं, अर्थात, प्रतिरोध विकसित हो गया है। एक दवा का जब बार-बार उपयोग         और पढ़ें …

मिलके टीबी को मिटायें: 2025 तक ट्यूबरक्लोसिस को समाप्त करने की भारत की योजना

विश्व ट्यूबरक्लोसिस डे टीबी दिवस क्यूँ मनाया जाता है ? विश्व टीबी दिवस हर साल 24 मार्च को मनाया जाता है। विश्व में ट्यूबरक्लोसिस (TB) के बोझ और टीबी से बचाव और सुरक्षा की स्थिति को उजागर करने का एक अवसर है। ये 1882 के उस दिन के पुण्यस्मरण में मनाया जाता है जब डॉ रोबर्ट कोच ने वैज्ञानिक समुदाय को चकित कर         और पढ़ें …

सह-संक्रमण का प्रभाव – टीबी और एचआईवी उपचार

टीबी और एचआईवी का सह-संक्रमण एचआईवी और टीबी के बीच क्या संबंध है? जब लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली क्षतिग्रस्त हो, जैसे कि एचआईवी वाले लोगों में जो एंटीरिट्रोवाइरल उपचार भी न ले रहे हों, तो ऐसी स्थिति टीबी के प्राकृतिक इतिहास को बदल देती है। संक्रमण और बीमारी के विकास के बीच एक लम्बा विलंब चरण होने के बजाय , एचआईवी वाले लोग हफ्तों से         और पढ़ें …

बच्चों में निमोनिया: रोकथाम और जटिलताएं

बच्चों में निमोनिया – रोकथाम – निमोनिया का संक्रमण उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया और वायरस के विरुद्ध बच्चों का टीकाकरण।.

बच्चों में निमोनिया: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

बच्चों में निमोनिया – आहार – लेने योग्य आहार: यदि आपका बच्चा 12 माह के कम आयु का है तो स्तन दुग्ध या फार्मूला दिया जा सकता है। यदि आपका शिशु 12 माह से अधिक आयु का है तो संपूर्ण दूध दिया जा सकता है। गर्म चाय, लेमोनेड, सेब का रस या चिकन का शोरबा, हवा आने-जाने वाले मार्ग को आराम देता है, और बलगम को ढीला करता है।

बच्चों में निमोनिया: लक्षण और कारण

बच्चों में निमोनिया – लक्षण – खाँसी, बुखार और कंपकंपी। साँस का तेज चलना और साँस लेने में कमी होना। छाती का दर्द।. बच्चों में निमोनिया – कारण – निमोनिया बैक्टीरिया, विभिन्न वायरस और कुछ प्रकार की फफूंद द्वारा होता है।.

बच्चों में निमोनिया: प्रमुख जानकारी और निदान

निमोनिया बैक्टीरिया, वायरस, फफूंद और परजीवियों द्वारा उत्पन्न फेफड़ों का संक्रमण है। यह अल्वेओली की सूजन द्वारा प्रदर्शित होता है।.

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध): रोकथाम और जटिलताएं

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध) – रोकथाम – धूम्रपान बंद करें और रासायनिक धुएँ तथा धूल की चपेट में ना आएँ। अपने फेफड़ों की सुरक्षा के लिए मास्क लगाएँ।.

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध) – आहार – लेने योग्य आहार: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, खनिजों, विटामिनों, रेशे और जल से युक्त स्वास्थ्यवर्धक आहार।
, एम्फायसेमा से पीड़ित व्यक्तियों के लिए सोडियम की कम मात्रा से युक्त चिकन सूप विशेष रूप से लाभकारी होता है। क्योंकि चिकन में सिस्टीन होता है, यह आपके शरीर से अतिरिक्त बलगम निकालता है। सिस्टीन के अतिरिक्त भोज्य स्रोतों में गेहूँ की बाली, लाल शिमला मिर्च, लहसुन, प्याज, ब्रोकोली और ब्रसेल्स स्प्राउट्स हैं।
, जैतून का तेल पित्ताशय और बड़ी आंत से अनुपयोगी पदार्थ और आँव को निकालने में सहायता करता है।
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