कार्पल टनल सिंड्रोम (CTS): प्रमुख जानकारी और निदान

कार्पल टनल सिंड्रोम (CTS) क्या है?

कार्पल टनल सिंड्रोम (सीटीएस) हाथ का दर्द्युक्त विकार है जो कलाई से होकर गुजरने वाली तंत्रिकाओं पर पड़े दबाव के कारण उत्पन्न होता है। कार्पल टनल कलाई में गुजरने का संकरा सुरंगनुमा मार्ग होता है, जो हाथ में जाकर खुलता है। इसमें तंत्रिकाएँ और तंतु होते हैं। यह सुरंगनुमा मार्ग एक प्रमुख तंत्रिका (मीडियन तंत्रिका) और आपकी उंगलियों को मोड़ने वाले नौ प्रमुख तंतुओं की सुरक्षा करता है।
युवाओं के मुकाबले मध्य आयु से लेकर वृद्ध व्यक्तियों में इस सिंड्रोम की उत्पत्ति की सम्भावना अधिक होती है, और पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में तीन गुना अधिक तेजी से होने की सम्भावना होती है। इसे मीडियन तंत्रिका की दुष्क्रिया; मीडियन तंत्रिका का जकड़ना भी कहते हैं।

रोग अवधि

ठीक होने का समय रोगी की आयु, सामान्य स्वास्थ्य, सीटीएस की गंभीरता, और लक्षणों के उपस्थित रहने की समयावधि के आधार पर अलग-अलग होता है। यह कुछ सप्ताहों से लेकर महीनों तक हो सकता है। और कुछ मामलों में शल्यक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।

जाँच और परीक्षण

रोग का निर्धारण रोगी के शारीरिक परीक्षण और चिकित्सीय इतिहास के आधार पर होता है और अन्य जांचों में हैं :
  • टिनेल्स साइन
  • एक्स-रे
  • इलेक्ट्रोमायोग्राम
  • तंत्रिकाओं की चालकता का अध्ययन





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