बच्चों का एलर्जिक रायनाइटिस: रोकथाम और जटिलताएं

बच्चों का एलर्जिक रायनाइटिस – रोकथाम – धूल, जीवाणुओं, एलर्जन की पहचान और उन्हें दूर हटाना। परागकणों से दूरी। हवा की उचित आवाजाही का प्रबंध।.

बच्चों का एलर्जिक रायनाइटिस: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

बच्चों का एलर्जिक रायनाइटिस – आहार – लेने योग्य आहार इनसे परहेज करें: स्तनपान, भोज्य वसीय अम्ल और एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार जैसे टमाटर, ग्रीन टी, कीवी आदि। विटामिन पूरकों का सेवन।

बच्चों का एलर्जिक रायनाइटिस: प्रमुख जानकारी और निदान

एलर्जिक रायनाइटिस ऐसी प्रतिक्रिया है जो नाक में तब होती है, जब हवा द्वारा लाए गए उत्प्रेरक (एलर्जन) प्रतिरक्षक तंत्र में हिस्टामिन के निकलने को उत्प्रेरित करते हैं।.

बच्चों का एलर्जिक रायनाइटिस: लक्षण और कारण

बच्चों का एलर्जिक रायनाइटिस – लक्षण – नाक बंद होना। छींक आना। पानी जैसा तरल पदार्थ बहना। बार-बार गले में पीड़ा होना।. बच्चों का एलर्जिक रायनाइटिस – कारण – ट्री हाउस पोलन। धूल में स्थित जीवाणु। फफूंद पशुओं के तंतु।.

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध): रोकथाम और जटिलताएं

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध) – रोकथाम – धूम्रपान बंद करें और रासायनिक धुएँ तथा धूल की चपेट में ना आएँ। अपने फेफड़ों की सुरक्षा के लिए मास्क लगाएँ।.

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध): लक्षण और कारण

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध) – लक्षण – श्वसनहीनता, दीर्घकालीन ब्रोंकाइटिस के साथ उत्पन्न हुआ बलगम, खाँसी, सायनोसिस. एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध) – कारण – धूम्रपान, वायु प्रदूषण.

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध) – आहार – लेने योग्य आहार: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, खनिजों, विटामिनों, रेशे और जल से युक्त स्वास्थ्यवर्धक आहार।
, एम्फायसेमा से पीड़ित व्यक्तियों के लिए सोडियम की कम मात्रा से युक्त चिकन सूप विशेष रूप से लाभकारी होता है। क्योंकि चिकन में सिस्टीन होता है, यह आपके शरीर से अतिरिक्त बलगम निकालता है। सिस्टीन के अतिरिक्त भोज्य स्रोतों में गेहूँ की बाली, लाल शिमला मिर्च, लहसुन, प्याज, ब्रोकोली और ब्रसेल्स स्प्राउट्स हैं।
, जैतून का तेल पित्ताशय और बड़ी आंत से अनुपयोगी पदार्थ और आँव को निकालने में सहायता करता है।
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एम्फायसेमा (फेफड़ों में अवरोध): प्रमुख जानकारी और निदान

एम्फायसेमा फेफड़ों का दीर्घकालीन, बढ़ते जाने वाला रोग है और तब उत्पन्न होता है जब हवा के आने-जाने के मार्ग (अल्वेओली) की दीवारें, अपने भीतर से होकर गुजरने वाली सूक्ष्म रक्तवाहिनियों के साथ, नष्ट हो जाती हैं।.

मेलास्मा: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

मेलास्मा आहार – लेने योग्य आहार: फल जैसे संतरे, सेब और ग्रेपफ्रूट और सब्जियाँ जैसे ब्रोकोली, पत्तागोभी तथा ब्रसेल्स स्प्राउट्स लिए जाने चाहिए। एस्ट्रोजन की अत्यधिक उत्पत्ति को रोकने के लिए रेशेयुक्त आहार भी लिए जाने चाहिए। फोलेट या फोलिक एसिड की कमी मेलास्मा तक पहुँच सकती है। फोलिक एसिड की अधिकता युक्त भोजन जैसे खट्टे फल, मेवे, हरी पत्तेदार सब्जियाँ और साबुत अनाज। विटामिन सी और ई से युक्त आहार लें। ये एंटीऑक्सीडेंट युक्त पोषक तत्व त्वचा को सूर्य से हुई क्षति, जो मेलास्मा उत्पन्न कर सकती है, की मरम्मत करते हैं। ये विटामिन जिन आहारों में पाए जाते हैं उनमें हैं खट्टे फल, कीवी, मेवे, बादाम, चमकदार रंग की सब्जियाँ और मछली आदि।