वर्टिगो (सिर चकराना): प्रमुख जानकारी और निदान

बीपीपीवी कान के भीतरी हिस्से में होने वाला विकार है। वर्टिगो उस अनुभूति को कहते हैं जब आप स्थिर खड़े हों लेकिन आपको घूमता हुआ सा लगे।.

वर्टिगो (सिर चकराना): लक्षण और कारण

वर्टिगो (सिर चकराना) – लक्षण – वर्टिगो-चक्कर आना। मतली। गति सम्बन्धी समस्या। धुंधला दिखाई देना।. वर्टिगो (सिर चकराना) – कारण – सिर में चोट। कान में चोट। कान में संक्रमण।.

वर्टिगो (सिर चकराना): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

वर्टिगो (सिर चकराना) – आहार – लेने योग्य आहार: तरल पदार्थो की पर्याप्त मात्रा लें।
, अदरक।
, होल ग्रेन ब्रेड और फलियाँ।
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वर्टिगो (सिर चकराना): रोकथाम और जटिलताएं

वर्टिगो (सिर चकराना) – रोकथाम – अपने सिर को सामान्य से अधिक ऊँचाई पर रखकर सोएँ। बिस्तर पर, प्रभावित हिस्से की तरफ लेटने से बचें। खेलकूद की गतिविधियों से बचें।.

पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) की सूजन: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) की सूजन – आहार – लेने योग्य आहार: सेसिम के बीज (जिंक)
, टमाटर
, एवोकेडो
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पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) की सूजन: रोकथाम और जटिलताएं

पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) की सूजन – रोकथाम – शराब से परहेज, तनाव से बचें, उचित वजन बनाए रखें, व्यायाम नियमित करें.

पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) की सूजन: प्रमुख जानकारी और निदान

बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपर प्लेसिया पौरुष ग्रंथि के बढ़ जाने को कहते हैं। यह बढ़ती आयु के पुरुषों के लिए आम समस्या है।.

पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) की सूजन: लक्षण और कारण

पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) की सूजन – लक्षण – मूत्राशय में पथरी का बनना। मूत्र का बार-बार आना खासकर रात्रि में (नोक्चुरिया)। मूत्र के प्रवाह में कमी।. पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) की सूजन – कारण – पौरुष ग्रंथि के बढ़ने के कारण अज्ञात हैं, लेकिन ये उम्र के साथ पुरुष के शरीर में होने वाले हार्मोन परिवर्तन के स्तर से जुड़े हैं।.