एसिड पेप्टिक डिजीज: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

एसिड पेप्टिक डिजीज – आहार – लेने योग्य आहार: गाजर (क्योंकि इनमें बीटा-कैरोटीन होता है), लाल शिमला मिर्च और खुबानी क्योंकि ये आंत की परतों में स्थित घावों को ठीक करने में सहायता करते हैं।
, लीन मीट, दलिया, गिरियाँ, अंडे, डालें, एवोकेडो और विटामिन ई युक्त सब्जियाँ जो अंगों में परतों के घावों को ठीक करते हैं।
, लीन मीट, मछली, पोल्ट्री उत्पाद और मलाई निकले दुग्ध उत्पाद प्रोटीन से भरपूर होते हैं और ये आहारनली के वाल्व (विशेषकर मुंह या गर्दन से जुड़े हिस्से) को उत्प्रेरित करते हैं।
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एसिड पेप्टिक डिजीज: रोकथाम और जटिलताएं

एसिड पेप्टिक डिजीज – रोकथाम – रेशे की उच्च मात्रा से युक्त फल और सब्जियाँ खाएँ। मसालेदार और जंक फ़ूड न लें। धूम्रपान न करें और शराब न पियें।.

एसिड पेप्टिक डिजीज: प्रमुख जानकारी और निदान

एसिड पेप्टिक डिजीज कई स्थितियों जैसे पेट और आंत में आहार लौटने का रोग (जीईआरडी), पेट में सूजन, पेट में छाले, आंत में छाले, आहारनली में छाले, ज़ोलिंगर एलिसन सिंड्रोम(जेडईएस) और मेकेल्स डाईवर्टीक्युलर अलसर के लिए सम्मिलित रूप से प्रयोग किये जाने वाला शब्द है।.

एसिड पेप्टिक डिजीज: लक्षण और कारण

एसिड पेप्टिक डिजीज – लक्षण – जलन का एहसास, पेट में भारीपन, दर्द्युक्त पाचन, डकार, अधोवायु, मतली और उलटी। भूखा महसूस करना, वजन में गिरावट. एसिड पेप्टिक डिजीज – कारण – भोजन की अनुचित आदतें। एच पाइलोरी संक्रमण, धूम्रपान और शराब का सेवन.

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) – आहार – लेने योग्य आहार तीव्र और दीर्घ दोनों स्थितियों में रोगी को आहार का लंघन करना चाहिए।: लंघन के दौरान फलों का रस लिया जा सकता है।
, फलों के रस में 5 घंटों का अन्तराल होना चाहिए।
, 6 औंस पालक के रस के साथ 10 औंस गाजर का रस मिलाकर लेना चाहिए।
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गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन): रोकथाम और जटिलताएं

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) – रोकथाम – उत्तेजित करने वाली दवाएँ ना लें। शराब और धूम्रपान ना करें। स्वच्छ रहें.

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन): प्रमुख जानकारी और निदान

गेस्ट्राइटिस पेट की परतों में सूजन, उत्तेजन या क्षय होने को कहा जाता है। यह एकाएक या धीमे-धीमे हो सकता है।.

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन): लक्षण और कारण

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) – लक्षण – मतली, उल्टी, डकार आना, पेट फूलना, भूख कम लगना, अपच, शीघ्र संतृप्ति. गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) – कारण – हेलिकोबेक्टर पाइलोरी द्वारा उत्पन्न संक्रमण। औषधियाँ, रोग.