जीईआरडी: रोकथाम और जटिलताएं

जीईआरडी रोकथाम – आवश्यक स्वच्छता बनाये रखें। उचित तरीके से बना हुआ और रखा हुआ आहार लें। धूम्रपान त्यागें।.

जीईआरडी: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

जीईआरडी आहार – लेने योग्य आहार: फल जैसे कि सेब (ताजे और सुखाये हुए), सेब का रस, केले, नाशपाती, आडू, तरबूज और खरबूज, स्ट्रॉबेरी, अंगूर। सब्जियाँ जैसे कि भुना आलू, ब्रोकोली, पत्तागोभी, गाजर, सेम, मटर, एस्परेगस, लेट्यूस, शक्करकंद। बिना खाल का चिकन, अंडे की सफेदी, मछली (बिना अतिरिक्त वसा के)।

जीईआरडी: प्रमुख जानकारी और निदान

जीईआरडी क्रोनिक (लम्बे समय से होने वाली) स्थिति है जिसमें पेट के पदार्थ विपरीत दिशा में वापस आहार नली (गले में) में चले जाते हैं और बेचैनी उत्पन्न करते हैं। यह पाचन का विकार है।.

जीईआरडी: लक्षण और कारण

जीईआरडी लक्षण – छाती और/या गले में जलन का अनुभव। निगलने में कठिनाई। सूखी खांसी और अधिक मात्रा में लार आना।. जीईआरडी कारण – खान पान की गलत आदतें।.

आंत्रशोथ: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

आंत्रशोथ आहार – लेने लायक भोजन: बिना मसाले का सादा भोजन जो कि पचने में हल्का हो लेना सबसे बढ़िया होता है। यदि आप उल्टी से पीड़ित हैं, तो ब्रेड टोस्ट लेना चाहिए, मतली या उल्टी के एहसास को नीबू, अंगूर, नारंगी की तरह के खट्टे फलों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। सब्जियों का सूप पाचन तंत्र के लिए अच्छा होता है।

आंत्रशोथ: रोकथाम और जटिलताएं

आंत्रशोथ रोकथाम – स्वच्छ स्थिति बनाए रखें। सही तरीके से बना और रखा हुआ भोजन करें, टीका लगवाएं.

आंत्रशोथ: प्रमुख जानकारी और निदान

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस बैक्टीरिया द्वारा किया गया आहार-पथ का संक्रमण और सूजन है। इसे पेट के फ्लू या फ़ूड पॉइज़निंग के रूप में भी जाना जाता है।.

आंत्रशोथ: लक्षण और कारण

आंत्रशोथ लक्षण – पतले, पानी जैसे दस्त, मतली और उल्टी, पेट दर्द, पेट में ऐंठन, भूख ना लगना. आंत्रशोथ कारण – वाइरसेस, बैक्टीरिया, पेरासाइट्स, आहार या दवा में किसी चीज़ के लिए हुई विपरीत प्रतिक्रिया.