बच्चों के गले में संक्रमण: रोकथाम और जटिलताएं

बच्चों के गले में संक्रमण – रोकथाम – अल्कोहल आधारित हाथ स्वच्छ करने वाले पदार्थों से हाथ स्वच्छ करना, हाथों को आसानी से जीवाणुमुक्त करने में सहायता करता है। खांसते या छींकते समय मुँह को ढँकने के लिए टिश्यू का प्रयोग किया जाना चाहिए।.

बच्चों के गले में संक्रमण: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

बच्चों के गले में संक्रमण – आहार – लेने योग्य आहार: केले, चिकन सूप, नीबू शहद मिला हुआ रस,, आमलेट या अंडे का सफ़ेद हिस्सा। अदरक या शहद की चाय।

बच्चों के गले में संक्रमण: लक्षण और कारण

बच्चों के गले में संक्रमण – लक्षण – बुखार, कंपकंपी, निशान, सिरदर्द। गले के क्षेत्र के आसपास लाल और सफ़ेद धब्बे। निगलने में कठिनाई।. बच्चों के गले में संक्रमण – कारण – वायरस और बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न संक्रमण।.

बच्चों के गले में संक्रमण: प्रमुख जानकारी और निदान

स्ट्रेप थ्रोट गले के पिछले हिस्से, टॉन्सिल्स और कभी-कभी एडेनोइड में होने वाली सूजन को कहते हैं।.

बच्चों का इन्फ्लुएंजा: रोकथाम और जटिलताएं

बच्चों का इन्फ्लुएंजा – रोकथाम – अपने हाथों को साबुन से बार-बार और अच्छी तरह से धोएँ। वस्तुएँ बाँटकर उपयोग ना करें। खाँसते और छींकते समय अपने मुँह और चेहरे को टिश्यू से ढंकें।.

बच्चों का इन्फ्लुएंजा: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

बच्चों का इन्फ्लुएंजा – आहार – ताज़ी लहसुन, मशरुम, काली चाय, साफ शोरबा जैसे चिकन, बछड़े का माँस, सब्जियाँ। अंडे, चावल, केले, टोस्ट। प्रोसेस्ड आहार, जंक फ़ूड, वसा और कैलोरी का अत्यधिक सेवन।

बच्चों का इन्फ्लुएंजा: प्रमुख जानकारी और निदान

इन्फ्लुएंजा श्वसन तंत्र का वह संक्रमण है जो इन्फ्लुएंजा वायरस द्वारा उत्पन्न किया जाता है और अत्यंत संक्रामक होता है।.

बच्चों का इन्फ्लुएंजा: लक्षण और कारण

बच्चों का इन्फ्लुएंजा – लक्षण – बुखार, कंपकंपी, नाक बहना, सिरदर्द। पीड़ित मांसपेशियाँ, शरीर में दर्द। अतिसार और उलटी। सूखी खाँसी।. बच्चों का इन्फ्लुएंजा – कारण – यह तीन प्रकार के इन्फ्लुएंजा वायरस, अर्थात टाइप ए, बी या सी में से किसी एक प्रकार के वायरस द्वारा होता है।.