एटिलेक्टेसिस: लक्षण और कारण

एटिलेक्टेसिस लक्षण – साँस की गति तेज होना। साँस में कमी (डिस्निया)। उथली सांसें लेना। खाँसना।. एटिलेक्टेसिस कारण – एटिलेक्टेसिस हवा आने वाले मार्ग (ब्रोंकस या ब्रोंकिओल्स) में होने वाले अवरोध से या फेफड़े के बाहर से दबाव पड़ने पर उत्पन्न होता है। यह शल्यक्रिया के बाद या अस्पताल में भर्ती मरीजों में अत्यंत आम है।.

एटिलेक्टेसिस: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

एटिलेक्टेसिस आहार – लेने योग्य आहार इनसे परहेज करें: प्रतिदिन कम से कम 8 गिलास पानी या अन्य तरल पदार्थ लेने से फेफड़ों के स्राव को पतला करने में सहायता मिलती है जिससे उन्हें खांसकर बाहर निकालना सरल होता है। लहसुन में सूजनरोधी और जीवाणुरोधी गुण होते हैं जिनका प्रयोग फेफड़ों के उपचार हेतु किया जा सकता है। प्रतिदिन प्रातःकाल 3 से 4 सूखे हुए अंजीर खाना चाहिए क्योंकि सूखे अंजीर प्रतिरक्षक तंत्र को मजबूत करने के लिए बढ़िया होते हैं।

एटिलेक्टेसिस: रोकथाम और जटिलताएं

एटिलेक्टेसिस रोकथाम – धूम्रपान बंद करें। शराब सीमित मात्रा में लें। गहरे श्वास वाले व्यायाम करें।.

एटिलेक्टेसिस: प्रमुख जानकारी और निदान

एटिलेक्टेसिस हवा के लिए फेफड़ों में पाई जाने वाली थैलीनुमा रचना, जिसे अल्वेओली कहते हैं, का आंशिक या पूर्ण रूप से नष्ट हो जाने का नाम है।.