टाइफाइड: रोकथाम और जटिलताएं

रोकथाम (बचाव)

टाइफाइड गंभीर बीमारी नहीं है। इसे बचाव के निम्नलिखित तरीके अपनाकर नियंत्रित किया जा सकता है।
इसके दो टीके उपलब्ध हैं। जो लोग टाइफाइड प्रभावित स्थानों की यात्रा कर रहे हैं उन्हें ये टीके लगवा लेने चाहिए।
  • उचित स्वच्छता बनाये रखें।
  • अपने हाथों को गर्म साबुन युक्त पानी से धोएँ।
  • साफ़ उबला पानी पीएँ, या केवल बोतल बंद पानी पीएँ।
  • कच्चा आहार ना लें।
  • उचित तरीके से पका भोजन गरमा-गरम ही खा लें।
  • बाहरी दुकानों से खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ न लें।
  • संक्रमित व्यक्तियों को घरेलू कार्यों से दूर रखें।
  • संक्रमण को रोकने के लिए संक्रमित व्यक्ति के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं को उचित प्रकार से स्वच्छ करें।
  • पानी को स्वच्छ करना, कूड़े-कचरे का निपटान सही तरीके से करना, और प्रदूषणमुक्त भोजन वितरण ये सभी जन-स्वास्थ्य के लिए आवश्यक उपाय हैं।
  • संक्रमित व्यक्तियों को अपने बर्तन और भोजन किसी से बाँटना नहीं चाहिए, और भोजन पकाना भी नहीं चाहिए। उनके शौचालयों को संक्रमण या लक्षण चले जाने के 6-12 सप्ताहों बाद तक भी अच्छी तरह स्वच्छ किया जाना चाहिए।
Triple prevention
टाइफाइड अब और अधिक डरावनी बीमारी नहीं रही।

ध्यान देने की बातें

  • गंभीर दस्त अथवा कब्ज।
  • वजन में गिरावट।

डॉक्टर को कब दिखाएँ

  • बेसुध होना।
  • बेदम और आँखें आधी बंद करके निष्क्रिय होकर लेटे रहना, जिसे टाइफाइड की स्थिति कहा जाता है।

डॉक्टर को कब बुलाएँ
यदि आपको तेज बुखार, पेट में दर्द, कमजोरी और टाइफाइड सम्बंधित कोई और लक्षण का अनुभव होना शुरू हो गया है,






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