डिस्पेप्सिया (अपच): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

डिस्पेप्सिया (अपच) – आहार – लेने योग्य आहार: रसदार ताजे फल जैसे सेब, नाशपाती संतरे, ग्रेपफ्रूट, अन्नानास, अनार, आडू और तरबूज व खरबूज। गर्म चाय के साथ पेपरमिंट लेने से अपच ठीक होने में सहायता मिलती है। एक गिलास ठन्डा दूध लेने से पेट के भीतर की सूजी हुई परतों पर सुरक्षात्मक निर्माण होता है, जिससे आराम मिलता है।

डिस्पेप्सिया (अपच): प्रमुख जानकारी और निदान

डिस्पेप्सिया आपकी आंत के ऊपरी हिस्से में उत्पन्न हुई किसी समस्या के कारण आने वाली कई समस्याओं के लिए प्रयुक्त होने वाला एक शब्द है। इसे अपच या पेट में गड़बड़ के नाम से भी पहचाना जाता है।.

डिस्पेप्सिया (अपच): लक्षण और कारण

डिस्पेप्सिया (अपच) – लक्षण – पेट में या पेट के ऊपरी हिस्से में जलन। सीने में जलन (पेट में या आहारनली में जलन का एहसास)। पेटदर्द, पेट फूलना (भरे हुए होने का एहसास)।. डिस्पेप्सिया (अपच) – कारण – अपच बहुत अधिक खाने से, बहुत तेजी से खाने से, उच्च-वसा युक्त आहार खाने से, या तनावग्रस्त स्थितियों में खाने का परिणाम होता है।.

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) – आहार – लेने योग्य आहार तीव्र और दीर्घ दोनों स्थितियों में रोगी को आहार का लंघन करना चाहिए।: लंघन के दौरान फलों का रस लिया जा सकता है।
, फलों के रस में 5 घंटों का अन्तराल होना चाहिए।
, 6 औंस पालक के रस के साथ 10 औंस गाजर का रस मिलाकर लेना चाहिए।
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गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन): रोकथाम और जटिलताएं

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) – रोकथाम – उत्तेजित करने वाली दवाएँ ना लें। शराब और धूम्रपान ना करें। स्वच्छ रहें.

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन): प्रमुख जानकारी और निदान

गेस्ट्राइटिस पेट की परतों में सूजन, उत्तेजन या क्षय होने को कहा जाता है। यह एकाएक या धीमे-धीमे हो सकता है।.

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन): लक्षण और कारण

गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) – लक्षण – मतली, उल्टी, डकार आना, पेट फूलना, भूख कम लगना, अपच, शीघ्र संतृप्ति. गेस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) – कारण – हेलिकोबेक्टर पाइलोरी द्वारा उत्पन्न संक्रमण। औषधियाँ, रोग.