बच्चों का इन्फ्लुएंजा: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

बच्चों का इन्फ्लुएंजा – आहार – ताज़ी लहसुन, मशरुम, काली चाय, साफ शोरबा जैसे चिकन, बछड़े का माँस, सब्जियाँ। अंडे, चावल, केले, टोस्ट। प्रोसेस्ड आहार, जंक फ़ूड, वसा और कैलोरी का अत्यधिक सेवन।

सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी: लक्षण और कारण

सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी – लक्षण – माँसपेशियों में कमजोरी और/या हाथों अथवा उँगलियों में झुनझुनी। सामंजस्य की कमी, खासकर हाथों में। सिरदर्द. सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी – कारण – सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी ऐसी किसी भी स्थिति से उत्पन्न हो सकती है जो मेरुदंड से हटते समय तंत्रिकाओं पर दबाव डालती हो। सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी के प्रमुख कारणों में भंगुर होना, डिस्क का बाहर निकलना और मेरुदंड की अस्थिरता आदि हैं।.

सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी – आहार – लेने योग्य आहार: कैल्शियम की प्रचुरता वाले आहार जैसे पनीर, दूध, दही और सब्जियाँ जिनमें पालक और केल हैं, लेनी चाहिए। गर्दन में नस का दबना पोटैशियम की कमी से हो सकता है। पोटैशियम की कमी को दूर करने के लिए, पोटैशियम से संतृप्त आहार लें। इन आहारों में केले, एवोकेडो, मेवे और खुबानी आदि हैं। व्यक्ति पोटैशियम अवशोषण में सहायता के लिए संतरे का रस और मलाई निकला दूध ले भी सकता है। मछली, अलसी के बीज, अखरोट, हरी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड आपके शरीर में सूजन पैदा करने वाले रसायनों को घटाता है।

सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी: रोकथाम और जटिलताएं

सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी – रोकथाम – खतरे के कारणों को कम करें। कार्यस्थल पर उचित कार्य स्थितियाँ और सुविधाएं हों। खड़े होने, बैठने में उचित भंगिमा अपनाएँ। दोहराव वाली गतिविधियाँ सीमित करें।.

सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी: प्रमुख जानकारी और निदान

सर्वाइकल रेडिक्यूलोपेथी, जिसे अक्सर नस का दबना भी कहा जाता है, तन्त्रिका या नस की कार्यप्रणाली में उत्पन्न हुई क्षति या अवरोध है जो तब होता है जब गर्दन स्थित मेरुदंड के पास अवस्थित कोई तन्त्रिका का मूलस्थान दब जाता है।.

मैनिंजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर): रोकथाम और जटिलताएं

मैनिंजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) – रोकथाम – स्वच्छ रहें, टीका लगवाएँ, स्वस्थ रहें.

मैनिंजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

मैनिंजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) – आहार – लेने योग्य आहार: विटामिन युक्त आहार
, फल और सब्जियाँ
, तरबूज, ग्रेपफ्रूट, केंटालूप, पपीता, ब्रोकोली, गाजर, लहसुन, टमाटर, पत्तागोभी, और गहरी हरी पत्तेदार सब्जियाँ।
,

मैनिंजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर): लक्षण और कारण

मैनिंजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) – लक्षण – जकड़ी हुई गर्दन, तेज बुखार, असमंजस की स्थिति, उनींदापन, साँस लेने में कठिनाई, रूचि ना होना. मैनिंजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) – कारण – सूक्ष्मजीवियों का संक्रमण। ड्रग से एलर्जी। सिर में चोट, रोग की स्थितियाँ। असामान्य प्रतिरक्षक तंत्र।.

मैनिंजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर): प्रमुख जानकारी और निदान

मैनिंजाइटिस मस्तिष्क और मेरुदंड के आस-पास की झिल्लियों (मेनिंजेस) में, मस्तिष्क में उपस्थित द्रव में हुए संक्रमण के कारण उत्पन्न हुई, सूजन को कहते हैं।.