डिफ्थीरिया: लक्षण और कारण

डिफ्थीरिया लक्षण – उच्च तापमान वाला बुखार। गले में खराश। बैठी हुई आवाज (गहरा और भारी स्वर)। कंपकंपी।. डिफ्थीरिया कारण – कोराइनीबेक्टेरियम डिफ्थीरी द्वारा डिफ्थीरिया होता है।.

डिफ्थीरिया: प्रमुख जानकारी और निदान

डिफ्थीरिया ऊपरी श्वसन तंत्र का रोग है जो कोराइनीबेक्टेरियम डिफ्थीरी द्वारा होता है।.

टाइफाइड: रोकथाम और जटिलताएं

टाइफाइड रोकथाम – धूम्रपान त्यागें। वायु प्रदूषण, धूल और उत्तेजक धुएं से बचें। इन्हेलर्स का प्रयोग करें। अपने घर को धूल से मुक्त करके स्वच्छ रखें।.

टाइफाइड: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

टाइफाइड आहार – लेने योग्य आहार: अधिक मात्रा में रस, सूप, तरल आहार और मिनरल वाटर लें। दूध और इससे बने पदार्थ लें। वे आहार लें जिनमें उच्च जैविक मान वाले प्रोटीन हों, जैसे कि अंडे, मीट पेस्ट, मछली, पोल्ट्री उत्पाद।

टाइफाइड: लक्षण और कारण

टाइफाइड लक्षण – तेज बुखार, सिरदर्द, चकत्ते, भूख में कमी, कमजोरी, पेट में दर्द. टाइफाइड कारण – यह बैक्टीरियम साल्मोनेला टायफ़ी द्वारा होता है जो कि प्रदूषित भोजन या पानी से फैलता है।.

टाइफाइड: प्रमुख जानकारी और निदान

टाइफाइड या मियादी बुखार पाचन तंत्र का संक्रमण है जो साल्मोनेला टायफ़ी नामक बैक्टीरिया द्वारा होता है।.

मलेरिया: प्रमुख जानकारी और निदान

मलेरिया मच्छरों से उत्पन्न होने वाली बीमारी है जो एक सूक्ष्मजीवी द्वारा लाल रक्त कणिकाओं के संक्रमण से होती है।.

मलेरिया: लक्षण और कारण

मलेरिया लक्षण – तेज/अधिक बुखार, थकावट, सिरदर्द, माँसपेशियों में दर्द, पेट में गड़बड़ी. मलेरिया कारण – परजीवी संक्रमित मच्छर के काटने से मलेरिया होता है।.

मलेरिया: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

मलेरिया आहार – लेने योग्य आहार: चूंकि पसीने और बुखार में शरीर के तरल पदार्थ की अधिक हानि हो जाती है, अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जैसे कि सूप, दूध, नीबू पानी आदि लेना चाहिए। नमक और शक्कर के साथ पानी भी उत्तम होता है। नारियल पानी उल्टियों को कम करने में और तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा करने में विशेष लाभकारी है। विटामिन A की कमी से ग्रस्त लोगों में मलेरिया की संभावना अधिक होती है, इसलिए विटामिन A से भरपूर आहार जैसे कि दूध, फल (आम, पपीता) और सब्जियाँ (गाजर, टमाटर, सहजन, एमेरंथ, पालक, कद्दू) लिये जाने चाहिए।

मलेरिया: रोकथाम और जटिलताएं

मलेरिया रोकथाम – अपने आस-पास मच्छरों का पनपना रोकें, आवश्यक स्वच्छता बनाये रखें.